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Delhi दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन से पहले व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। सुरक्षा प्रतिबंधों और संभावित यातायात अव्यवस्था के बीच कनॉट प्लेस के व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखने की तैयारी की है। वहीं, मध्य दिल्ली में चार किलोमीटर के दायरे में 24 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने का आदेश जारी किया गया है। नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने कनॉट प्लेस के दुकानदारों, कार्यालय संचालकों और रेस्तरां मालिकों से शनिवार को अपने प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की है। एसोसिएशन ने संभावित हिंसा, यातायात बाधित होने और संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका को इस फैसले का कारण बताया है।
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर आम नागरिकों की परेशानी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। यातायात प्रतिबंधों और सुरक्षा व्यवस्था के कारण लोगों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। विशेष रूप से एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं को रास्ता मिलने में दिक्कत होने की चिंता है। ऐसे में नागरिकों की मांग है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान मरीजों, बुजुर्गों और आम यात्रियों को परेशानी न हो। यदि ऐसी अव्यवस्था लंबे समय तक जारी रही, तो लोगों में नाराजगी बढ़ सकती है और वे सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्ण विरोध कर सकते हैं। प्रशासन से व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई है।
हालांकि, व्यापारियों की ओर से प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की पुष्टि हुई है, लेकिन CJP के विरोध में दिल्ली की आम जनता के बड़े पैमाने पर सड़कों पर उतरने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दरअसल, CJP ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है। संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से संबंधित अपनी मांगों को लेकर विरोध करना चाहता है।दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, आयोजकों ने निर्धारित समयसीमा के भीतर आवेदन नहीं दिया था। इसके अलावा पिछले प्रदर्शन के दौरान पुलिस के निर्देशों का पालन नहीं किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत जनपथ और कर्तव्य पथ क्रॉसिंग के चार किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं शुक्रवार, 9 अक्टूबर की रात 10 बजे से शनिवार, 10 अक्टूबर की रात 10 बजे तक बंद रखने का आदेश जारी हुआ है। यह प्रतिबंध सभी प्रकार की मोबाइल इंटरनेट तकनीकों पर लागू होगा। इंटरनेट सेवाओं पर रोक के कारण प्रभावित इलाकों में मोबाइल डेटा पर निर्भर रहने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है। विशेष रूप से ऑनलाइन भुगतान, डिजिटल कारोबार और इंटरनेट आधारित सेवाओं पर इसका असर पड़ने की आशंका है।
इस बीच दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। नई दिल्ली जिले में 37 स्थानों पर अवरोधक लगाने और विभिन्न जिलों में हिरासत केंद्र निर्धारित करने की तैयारी की गई है।प्रदर्शन के मद्देनजर रेलवे और मेट्रो सेवाओं पर भी प्रतिबंधों की घोषणा की गई है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने आम नागरिकों की आवाजाही प्रभावित होने पर चिंता जताई है। अदालत ने कहा कि सुरक्षा उपायों के दौरान यात्रियों, बच्चों और बुजुर्गों की परेशानियों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।फिलहाल दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क है। व्यापारियों ने संभावित नुकसान से बचने के लिए एहतियाती कदम उठाए हैं, जबकि आम नागरिकों के सामने यातायात और इंटरनेट सेवाओं से जुड़ी परेशानियों की आशंका बनी हुई है।
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